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Results 101-110.
 

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101 कृष्णयजुर्वेदीय तैत्तिरीयोपनिषद् सटीक / अनुवादक, रायबहादुर बाबू ज़ालिमसिंह / Zālimasiṃha -- Navalakiśora1925 SARDA
102 दैवज्ञाभरण : जिसमें सम्पूर्ण जातक भेद फलयुक्त सुन्दर छन्दों में अतिस्पष्ट रीति से रचित है / त्रिवेणीदत्तात्मजशम्भुनाथकृत / Śambhunātha -- Navalakiśora1892 SARDA
103 प्लेग की बीमारी और उससे बचने के उपाय / Newul Kishore1910 SARDA
104 रामराग : सरल हिन्दीभाषा में दोहे व चौपाई व सोरठे करके वेदान्त के मार्गपर भक्तजनों के हर्ष हेतु निर्मित कियागयाहै / मित्ररचित / Mitrasaina -- Navalakiśora1892 SARDA
105 Blessings of the British rule / by Lala Kanno Mal / Lālā Kannoo Mala -- Navalakiśora1916 SARDA
106 The Gulistan (Rose garden) / by Sady, of Sheeraz ; translated from the original by Francis Gladwin / Saʿdī Shīrāzī, 1184-1291,Gladwin, Francis, d. 1813? -- 6th ed. -- Newul Kishore1911 SARDA
107 ललनरसमंजरी / ललनपिया ने विरचित किया / Lalanapiyā -- Navalakiśora1915 SARDA
108 साहित्ययुगलविलास : जिसमें साहित्य की सम्पूर्णबातें अति ललित दोहा छन्दमें वर्णन कीगई हैं / रामकान्ता शरण ने रचना किया / Śaraṇa, Rāmakāntā -- Navalakiśora1889 SARDA
109 होरामकरन्दम् : जिसमें शुभाशुभग्रह विचार राज्ययोग चन्द्रनिर्याण ग्रह स्वभाव बलाबलकथन इत्यादि अत्युत्तम रीतिसे वर्णित हैं / पण्डितगुणाकररचितम् / Guṇākara, Paṇḍita -- Navalakiśora1905 SARDA
110 लक्ष्मीसरस्वतीसंवाद : जिसमें प्रश्नोत्तर की रीतिपर एतद्देशीय कन्याओं और स्त्रियों की शिक्षा के निमित्त नीतिशिक्षा पूर्ण मनोहर कथाएं वर्णित हैं / नवीनचन्द्रराय ने रचना की / Rāya, Navīnacandra -- 1. bhāga -- Navalakiśora1886 SARDA

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