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Results 111-120.
 

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111 महाभारतदर्प्पणे : आदि, सभा, बनपर्व्व हैं / गोकुलनाथ ने रचना किया / Gokula Nātha -- 2. bhāga -- Navalakiśora1891 SARDA
112 लक्ष्मीसरस्वतीसंवाद : जिसमें प्रश्नोत्तर की रीतिपर एतद्देशीय कन्याओं और स्त्रियों की शिक्षा के निमित्त नीतिशिक्षा पूर्ण मनोहर कथाएं वर्णित हैं / नवीनचन्द्रराय ने रचना की / Rāya, Navīnacandra -- 2. bhāga -- Navalakiśora1886 SARDA
113 नीति-सुधा-तरङ्गिणी / लेखक, रामप्रसाद तिवारी ; संपादक राधवेन्द्रशर्मा त्रिपाठी व्रजेश / Tivārī, Rāmaprasāda,Tripāṭhī, Rādhavendra Śarmā -- Navalakiśora1927 SARDA
114 पावसकवित्तरत्नाकर, अर्थात्, पावसऋतु वर्णन : जिसमें श्रीकृष्ण आनन्दकन्द व श्रीजगज्जननी शत्रुदमनी श्रीराधिका महारानीजी के चरित्र पावसऋतु के बिहार में अनेकानेक कबियोंके बनायेहुये कवित्तों में वर्णित हैं / परमानन्द सुहाने ने संग्रह किया / Suhāne, Paramānanda -- Navalakiśora1893 SARDA
115 महाभारतदर्प्पणे : आदि, सभा, बनपर्व्व हैं / गोकुलनाथ ने रचना किया / Gokula Nātha -- 1. bhāga -- Navalakiśora1891 SARDA
116 सर्वसारसंग्रह / परमानन्दकृत / Paramānanda Suhānā -- 1. bhāga -- Navalakiśora1893 SARDA
117 भाषाऽमृततरङ्गिणी : जिसमें अनेक प्रकारके रमणीय रमणीय दृष्टान्तों के द्वारा भाषाकी प्रधानता बर्णन की गई हैं / टीकारामने उपकारार्थरची / Ṭīkārāma -- Navalakiśora1888 SARDA
118 पद्यसङ्गूह / हनुमान प्रसाद से रचा गया / Hanumāna Prasāda -- Navalakiśora1878 SARDA
119 कवि-प्रिया / महाकवि केशवदास विरचित / Keśavadāsa, 1555?-1617? -- Navalakiśora1924 SARDA
120 पत्रदीपिका : जिसमें छोटे छोटे बालकों के अभ्यास करने को प्रत्येक भांति के पत्र लिखने का ढंग बतलाया गया है / 1. bhāga -- Navalakiśora1916 SARDA

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