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Results 121-130.
 

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121 अवधबिलास रामायण : जिसमें रामायणकी सम्पूर्ण कथा क्रमसे ख्याल इत्यादि अनेक रागोंमें वर्णित है जिसके पढ़ने से चित्तकी शुद्धि होती है और सम्पूर्ण दुरावृत्ति दूर हो जाती है अन्तमें कैवल्यपद प्राप्त होता है / इन्द्रजीत निर्मित किया है / Indrajīta -- Navalakiśora1894 SARDA
122 सांगीतशिखा : जिसमें खेमटा, बिहाग, भजन, होली और कजली इत्यादिक अनेक राग रागिनियां हैं / बख्शरामपांड़े ने संग्रह किया / Pāṇḍe, Bakhśarāma -- Navalakiśora1891 SARDA
123 विनयपत्रिका सटीक / गोस्वामि तुलसीदासकृत ; टीकाकार, सूर्यदीन सुकुल / Tulasīdāsa, 1532-1623,Sukula, Sūryādāsa -- Navalakiśora[1916]SARDA
124 ललनरसमंजरी / ललनपिया ने विरचित किया / Lalanapiyā -- Navalakiśora1915 SARDA
125 भ्रम-नाशक : अर्थात् अज्ञान-रूपी अंधकार का नाश करनेवाला गुरु-शिष्य संवाद में वेदांत-विषय का अपूर्व निबंध / बाबा परमानंदद्वारा लिखित / Paramānanda -- Navalakiśora1924 SARDA
126 ललनविनोद / ललनपियाने रचनाकिया / Lalanapiyā -- Navalakiśora1903 SARDA
127 श्रीअनुरागरस / नारायणस्वामी ने रचना किया / Nārāyaṇa Svāmī -- Navalakiśora1914 SARDA
128 पद्मावत भाषा : यह प्रसिद्ध कहानी राजारत्नसेन और पद्मावतकीहै / मलिक मुहम्मद जायसी ; उल्था लाल रघुबरदयालने उर्दूसे देवनागरी में करके गृढ़ शब्दोंका अर्थ ठीक किया / Malik Muhammad Jayasi, fl. 1540,Lālā Raghubaradayāla -- Navalakiśora1905 SARDA
129 सिल व दिक़ का सहीह इलाज : राजयक्ष्मा व क्षय का सहीह और स्वाभाविक इलाज और उसकी रोक-थाम / लेखक, हरगोविन्दप्रसाद निगम = Prevention and cure of phthisis & consumption / by H. G. P. Nigam / Haragovinda Prasāda Nigama -- Newul Kishore1915 SARDA
130 अक्षर बोध / जीतमल कपूर ने रचा / Kapūra, Jītamala -- Navalakiśora1912 SARDA

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