HOME    About This Site    mypage        Japanese    library    university    Feedback

Search:All of DSpace

(type:SARDA) is hit count [2903].
Results 91-100.
 

previous 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 next 

91 युगलविलास : भक्तभयहारी कुञ्जविहारी श्रीराधाकृष्ण की लीला अतिसरल छन्दोंमें वर्णितहै / रामसिंह देवकृत / Deva, Rāma Siṃha -- Navalakiśora1905 SARDA
92 अनुलेख-माला : अर्थात् हिंदी में डिक्टेशन लिखने के लिये सौ अभ्यासों का संग्रह / श्यामसुंदरदास ने संकलित और संपादित किया / Dāsa, Śyāmasundara, 1875-1945 -- Navalakiśora1919 SARDA
93 सहेली के पत्र / लेखिका, सय्यद क़ासिमअली / Qāsima Alī, Sayyada -- Navalakiśora1937 SARDA
94 रामायण किष्किन्धाकाण्ड / गोस्वामि तुलसीदासकृत / Tulasīdāsa, 1532-1623 -- Navakakiśora Presa1907 SARDA
95 श्रीभक्तिशिरोमणि : जिसमें सम्पूर्ण रामायणकी कथा बहुत रोचक छन्दों में वर्णित है / भगवन्तसिंहने बनाया / Bhagavantasiṃha -- Navalakiśora1899 SARDA
96 सूरजपुर की कह्हांनी (i. e.कहानी) / श्रीलाल ने हिन्दी में उल्था किया / Śrīlāla -- 1. bhāga -- Navalakiśora1862 SARDA
97 कठवल्लीउपनिषद् : भाषाटीकासहित : जिसमें उद्दालकऋषि को विश्वजितनामक यज्ञ करने में मृत्यु के लिये नचिकेता को प्रदान करना व उसका यमालय को जाना आदि वर्णित है / यमुनाशंकर नागरब्राह्मण ने अनुवादित किया / Nāgara, Yamunāśaṅkara -- Navalakiśora1916 SARDA
98 भानप्रकाशिका : जिसमें श्रीराधामाधोजी के लीलाविषयक अनेक प्रकार के राग रागिनियों में अत्यन्त रसीली विरहभरी गानेकी चोज़ें लिखी हैं व सम्पूर्ण रागरागिनियों की व्याख्यान भी सरलरीति से लिखीगई है / मुन्शीदूधनाथ लाल ने बाबूरामदयाल, बाबूगुलाबराय व रामप्रसाद के अनुग्रहसे रचनाकिया / Dūdhanātha Lāla,Rāmadayāla,Gulābarāya,Rāmaprasāda -- Navalakiśora1906 SARDA
99 जानकीपंचाशिका : जिसमें देवी अष्टक और जानकी मंगल भी अन्त में संयुक्त है / उमरायने रचना किया / Umarāya -- Navalakiśora1896 SARDA
100 वैद्यजीवन भाषा : इस पुस्तक में सम्पूर्ण रोगों की उपयोगिक औषध वर्णित हैं / शङ्करप्रसाद ने लोलिम्बराज संस्कृत पुस्तक से छन्दों में उल्था किया / Lolimbarāja,Śaṅkara Prasāda -- Navalakiśora1903 SARDA

previous 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 next