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161 रामनिवास रामायण : जिसमें श्रीगोस्वामितुलसीकृतरामायणकीरीतिसे सातोकांड श्रीरामचन्द्रजन्मोत्सव बाललीला बिश्वामित्रयज्ञरक्षण धनुषयज्ञ जानकीस्वयम्बर धनुभंग परशुरामसम्बाद बनागमन जानकीहरण रावणबध भरतमिलाप राज्याभिषेक ज्ञानमार्गरामगीता प्रेमाधिकार जानकीबिजय अश्वमेधयज्ञ बिनयनयनीतिबिचारादि की मनोहर कथा ललित अनेक छन्दोंमें बर्णितहै / जानकीप्रसादने निर्मित किया / Tulasīdāsa, 1532-1623,Jānakīprasāda -- Navalakiśora1889 SARDA
162 कवीन्द्रलक्ष्मीनारायणजीका जीवनचरित्र : जिला बनारस मुहल्ला धर्मकूपनिवासी विद्वद्वरकवीन्द्र लक्ष्मीनारायणजी का जीवनचरित्र वर्णित है और उसीके अन्तर्गत उक्ततमहाशय कृत विक्टोरिया दशक, शिवताण्डक्की व्याख्या, गंगालहरी शतक भी संयुक्तहै / [लक्षमीनारायणाह्वकवि] / Lakshmīnārāyaṇa -- Navalakiśora1902 SARDA
163 श्रीनाथसंग्ह : जिसमें छद्मछबीसी, नाथपदमंजरी गणेशाष्टक, अम्बिकाष्टक, भवानीपंचरत्न, गंगाष्टक, अन्नपूर्णाष्टक, संकटाष्टक, अम्बाविनयाष्टक, विश्वनाथाष्टक, शिवाष्टक, कवीरशाहीपद, काशीपंचरत्न, रामजन्माटक, रघुनाथाष्टक, हनुमन्ताष्टक, कृष्णजन्माष्टक, राधिकाष्टक, यमुनाष्टक, बल्देवाष्टक, कृष्णाष्टक, श्यामाष्टक, मोहनाष्टक, गोपिकाष्टक, गोपीविरहाष्टक, गोपीकरुणाष्टक, गोपीविलापाष्टक, गोपीप्रलापाष्टक, विरहपंचरत्न, मल्लाराष्टक, झूलाष्टक, जनकपुराष्टक, रामब्याहगारी, केशवाष्टक, माधवाष्टक, छद्मपंचरत्न, सांझीपंचरत्न, निर्गुणाष्टक, फागुनवर्णन, गोचारनपंचरत्न, कज्जलिकाष्टक, धनुर्यज्ञसोहराष्टक, रासपंचरत्न, बहारपंचरत्न, आरतीपंचरत्नादि पुस्तकैं अन्तर्ग्गतहैं / लोकनाथद्विदेवीकृत / Dvivedī, Lokanātha -- Navalakiśora1889 SARDA
164 प्रबोधचन्द्रोदयनाटक : जिसमें नाटककी रीतिपर नट और नटी-काम और रति, विवेक और सुमति-दम्भ, दम्भशिष्य-अहंकार, मोह चरवाक, अज्ञान-क्रोध, लोभ-तृष्णा, हिंसा-भरमावती, मिथ्या-इनमें परस्पर अनेकानेक चित्रबिचित्र बार्ताहुई है उसका वर्णनहै / भुवदेव दुबे ने देशभाषा में बनायाहै / Dube, Bhuvadeva -- 1. va 2. bhāga -- Navalakiśora1893 SARDA
165 दोहावली : जिसमें ज्ञान भक्ति वैराग्य मिश्रित दोहे हैं और विशेष कर संतोष शिक्षा प्रधान है : सम्पूर्ण रामभक्तानुरागियों के उपकारार्त्थ / गोसाईंतुलसीदासकृत / Tulasīdāsa, 1532-1623 -- Navalakiśora1908 SARDA
166 भक्ताम्बुनिधि : जिसमें रामबिनय, भक्तिबन्दना, भगवद्भक्तोंका माहात्म्य, सत्सङ्गमाहात्म्य, नाभाजी, राजाहरिश्चन्द्र, राजाबलि, राजादशरथ, भीष्मजी, सुरथ, सुधन्वा, हरिदास, जगदेव ... / जियालालत्रिपाठी ने रचना किया / Tripāṭhī, Jiyālāla -- Navalakiśora1895 SARDA
167 अथश्रीभद्भागवत दषमस्कन्ध सभाषा टीका पूर्व्वार्द्ध / श्रीपण्डिताङ्गद शास्त्री ने भाषा में तिलककिया / Śāstrī, Aṅgada -- Navalakiśora1885 SARDA
168 मार्कण्डेय पुराण / jilda 1. -- s.n.1---]SARDA
169 श्रमदवाराहपुराण : अषटादशमहापुराणमध्ये / [अनुवादक], माद्धवप्रसाद शर्म्मा ने संस्कृत भाषा से आर्य्य भाषा में किया ; मत्पण्डितवर दुर्गाप्रसाद औ सरयूप्रसाद ने शुद्ध किया / Śarmmā, Māddhavaprasāda,Durgāprasāda,Sarayūprasāda -- uttarārddha -- Navalakiśora1889 SARDA
170 श्रीस्कन्दपुराणान्तर्गत केदारखंडस्थ मायापुरीमाहात्म्य : मंगलाभाषाटीका सहित / टीकाकार, महावीरप्रसाद मिश्र / Miśra, Mahāvīraprasāda -- Navalakiśora1938 SARDA

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