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Results 201-210.
 

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201 केनोपनिषद्, अर्थात्, सामवेदीय तलवकारशाखीय उपनिषद् : भाषा-टीका-सहित / यमुनाशंकर पंचोली कृत / Nāgara, Yamunāśaṅkara -- Navalakiśora1924 SARDA
202 कृष्णयजुर्वेदीय तैत्तिरीयोपनिषद् सटीक / अनुवादक, रायबहादुर बाबू ज़ालिमसिंह / Zālimasiṃha -- Navalakiśora1925 SARDA
203 दैवज्ञाभरण : जिसमें सम्पूर्ण जातक भेद फलयुक्त सुन्दर छन्दों में अतिस्पष्ट रीति से रचित है / त्रिवेणीदत्तात्मजशम्भुनाथकृत / Śambhunātha -- Navalakiśora1892 SARDA
204 जानकीपंचाशिका : जिसमें देवी अष्टक और जानकी मंगल भी अन्त में संयुक्त है / उमरायने रचना किया / Umarāya -- Navalakiśora1896 SARDA
205 वैद्यजीवन भाषा : इस पुस्तक में सम्पूर्ण रोगों की उपयोगिक औषध वर्णित हैं / शङ्करप्रसाद ने लोलिम्बराज संस्कृत पुस्तक से छन्दों में उल्था किया / Lolimbarāja,Śaṅkara Prasāda -- Navalakiśora1903 SARDA
206 भानप्रकाशिका : जिसमें श्रीराधामाधोजी के लीलाविषयक अनेक प्रकार के राग रागिनियों में अत्यन्त रसीली विरहभरी गानेकी चोज़ें लिखी हैं व सम्पूर्ण रागरागिनियों की व्याख्यान भी सरलरीति से लिखीगई है / मुन्शीदूधनाथ लाल ने बाबूरामदयाल, बाबूगुलाबराय व रामप्रसाद के अनुग्रहसे रचनाकिया / Dūdhanātha Lāla,Rāmadayāla,Gulābarāya,Rāmaprasāda -- Navalakiśora1906 SARDA
207 युगलसम्बाद : बोधप्रकाश : जिसमें योगवाशिष्ठादि वेदान्त ग्रन्थों का सार मत गुरु शिष्य के प्रश्नोत्तरों सहित तथा भगवद्गीतादि के प्रमाणों से भूषितहै / महात्मा युगलकिशोर ने वर्णन किया है / Yugalakiśora -- Navalakiśora1895 SARDA
208 सेनापतिऊदल : दुःखान्त : नाटक / वृन्दावनलालवर्म्मा रचित / Varmmā, Vr̥ndāvanalāla -- Navalakiśora1909 SARDA
209 वर्णप्रकाशिका / रायदुर्गाप्रसाद से तर्जुमा होकर / Rāyadurgā Prasāda -- 1. hissā -- Navalakiśora1918 SARDA
210 पत्रमालिका / पण्डित श्रीलालने बनाई / Śrīlālane, Paṇḍita -- Navalakiśora1891 SARDA

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