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उत्तरकाण्ड : श्रीपरब्रह्म परमात्मा रामचन्द्रजी महाराज का चरित्र अध्यात्मविद्या वेदान्तशास्त्र की रीति से श्रुति समन्वयपूर्वक वर्णन कियागया है / यमुनाशंकर नागर / Nāgara, Yamunāśaṅkara -- Navalakiśora,1913 ,SARDA
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युद्धकाण्ड : श्रीपरब्रह्म परमात्मा रामचन्द्रजी महाराज का चरित्र अध्यात्मविद्या वेदान्तशास्त्र की रीति से श्रुति समन्वयपूर्वक वर्णन कियागया है / यमुनाशंकर नागर / Nāgara, Yamunāśaṅkara -- Navalakiśora,1913 ,SARDA
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सुन्दरकाण्ड : श्रीपरब्रह्म परमात्मा रामचन्द्रजी महाराजका चरित्र अध्यात्म विद्या वेदान्त शास्त्र की रीति से श्रुतिसमन्वयपूर्वक वर्णन कियागया है / यमनाशंकर नागर / Nāgara, Yamunāśaṅkara -- Navalakiśora,1905 ,SARDA
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गर्गसंहिता भाषा : जिसमें श्रीविष्णुउपासकोंकी प्रीति के लिये गोलोकखण्डादि नवअंशों में श्रीकृष्णचन्द्रजी महाराजका श्रीगर्गावार्यमुखनिर्मित संस्कृत गर्रसंहिता और अनेक प्रमाणिक उत्तमोत्तमग्रन्थोंकी कथाओंका मूल सारांश लीलाविलास दोहा, चौपाई, सोरठा, कवित्वादि सुगम छन्दों में वर्णित है / गिरिधरदास रचित / Giridharadāsa, 1833-1860 -- Navalakiśora,1915 ,SARDA
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श्रीमद्भगवद्गीता : व्रजभाषा-पद्यानुवाद-सहिता / लेखक, स्वामी तुलसीराम मिश्र / Tulasīrāma, Swāmī -- Navalakiśora,1925 ,SARDA
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श्रीभगवद्गीता भाषा : जिसमें श्रीकृष्णजीने अपने भक्त अर्जुन से योग शास्त्रादि वर्णन किया है / लेखक, हरिवल्लभ / Harivallabha -- Navalakiśora,1921 ,SARDA
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श्रीभगवद्गीता : सरल भाषानुवाद और टिप्पण सहित / अनुवादक, गिरिजाप्रसाद द्विवेदी / Dvivedī, Girijāprasāda -- Navalakiśora,1911 ,SARDA
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बिहारबृन्दाबन शान्तवेद / Ācārya, Vr̥ndābana -- Navalakiśora,[19--],SARDA
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अयोध्याकाण्ड : श्रीपरब्रह्म परमात्मा रामचन्द्रजी महाराज का चरित्र अध्यात्म विद्या वेदान्तशास्त्रकीरीति से श्रुति समन्वय वर्णन कियागया है / यमुनाशङ्कर नागर / Nāgara, Yamunāśaṅkara -- Navalakiśora,1908 ,SARDA
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उपनिषत्सारसंग्रह / लेखक, रायबहादुर काशीनाथ / Kāśīnātha -- Newul kishore,1933 ,SARDA
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