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अथर्ववेदीयप्रश्नोपनिषद् : भाषाटीकासहित : इसमें श्रीपिप्पलाद प्रति कबन्दी आदिक छः ऋषियों का प्रश्न तथा श्रीपिप्पलादजी का उत्तर वर्णित है / अनुवादक, यमुनाशंकर नागर / Nāgara, Yamunāśaṅkara -- Navalakiśora,1921 ,SARDA
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प्रश्नोपनिषद् / अनुवादक, रायबहादुर बाबू जालिमसिंह / Zālimasiṃha -- Navalakiśora,1930 ,SARDA
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माण्क्योपनिषद् : भाषा-टीका-सहित / अनुवादक, रायबहादुर बाबू ज़ालिमसिंह / Zālimasiṃha -- Navalakiśora,1928 ,SARDA
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शरीयाज्ञवल्क्य-मैत्रेयी-संवाद / लेखक, रायबहादुर बाबू ज़ालिमसिंह / Zālimasiṃha -- Navalakiśora,1926 ,SARDA
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सतसंगसागर : जिसमें भगवान के दशों अवतारों की कथाएं विचित्र दोहा, चौपाई आदि छन्दों में वर्णित हैं / बाबा शालिग्राम रचित / Śāligrāma -- Navalakiśora,1915 ,SARDA
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मुक्तिमार्ग / स्वामी रामरूपरचित ; सरसमधुरीशरण ने स्वरचित जीवनचरित्र श्रीस्वामी रामरूपजी सहित / Rāmarūpa, Svāmī,Śaraṇa, Sarasamadhurī -- Navalakiśora,1916 ,SARDA
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मुण्डकउपनिषद् : भाषाटीकासहित : जिसमें वादी प्रतिवादी के प्रश्नोत्तर द्वारा ब्रह्मका निर्णय, जगदुतपत्ति, अन्नादि का सम्भव और अग्निहोत्रादि क्रियाओं का विधान मन्त्रोंद्वारा वर्णित है / यमनाशंकर नागर से सरल देशभाषा में उल्था कराया / Nāgara, Yamunāśaṅkara -- Navalakiśora,1920 ,SARDA
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युगलसम्वाद : बोध प्रकाश : जिसमें योगवाशिष्ठादि वेदान्त ग्रन्थों का सार मत गुरु शिष्य के प्रश्नोत्तरों सहित तथा भागवद्गीतादि के प्रमाणों से भूषित है / महात्मा युगलकिशोर ने वर्णन किया है / Yugalakiśora -- Navalakiśora,1884 ,SARDA
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ब्रह्मसार : जिसमें समस्त पुराणों का आशय विशेषकर ब्रह्मभेद अति रुचिर छन्दों में सुगम रीति से वर्णित है / दीनदास प्रसिद्ध नाम मुंशी रामनारायण कृत / Rāmanārāyaṇa -- Navalakiśora,1920 ,SARDA
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आवतार-सिद्धि / लेखक, यमुनाशङ्कर नागर / Nāgara, Yamunāśaṅkara -- Navalakiśora,1926 ,SARDA
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